सर्दियों में नवजात शिशु को नहलाना है एक बिग टास्क, रखें ख़्याल इन बातों का

नवजात बच्चे एक तो बहुत नाजुक होते है और उस पर सर्दी में उनको नहलाना बहुत कठिन हो जाता है। कहीं वो बीमार न हो जाएं , ये डर सताता है। अगर आपके मन में भी ये डर है तो ध्यान रखें इन बातों का, और अपने नाजुक से बच्चें की करें देखभाल….

सर्दियों में नवजात शिशु को नहलाना है एक बिग टास्क, रखें ख़्याल इन बातों का

फीचर्स डेस्क। सर्दियों में नवजात बच्चे की देखभाल करना बहुत बड़ा टास्क होता है। एक तो उसको बाहरी बीमारियों से बचाना होता है दूसरा उसके खाने पीने से लेकर हर छोटी जरूरत का ख्याल रखना पड़ता है। क्योंकि बच्चा खुद कुछ बोल नहीं सकता तो एक मां होने के नाते हमें ही समझना होगा कि वो क्या कहना चाह रहा है। ऐसे में बच्चे को नहलाना वो भी सर्दी में कितना मुश्किल होगा सोचिए । कई बच्चे तो नहलाते टाइम बहुत रोते है, जिससे मान को लगता है कहीं हाथ से न फिसल जाएं या उनको चोट न लग जाएं। पर साफ सफाई के चलते नहलाना भी जरूरी है। तो आइए जानते है कि छोटे बच्चो को कैसे नहलाएं।

कब नहलाना है उचित

जब तक बच्चे की एंबिनिकल कार्ड रिमूव न हो जाएं तब तक बच्चे को न नहलाएं। कई पेरेंट्स सोचते है बच्चे की साफ सफाई कैसे होगी फिर। पर टेंशन की बात नहीं है क्योंकि बच्चा शुरू में वर्निक्स जैसे एक पदार्थ से कवर होता है। जो उसको बाहरी जर्म्स से बचाता है। इसलिए नहलाने की जल्दी न करें।

स्पॉन्ज बाथ बेस्ट ऑप्शन

स्पॉन्ज बाथ सबसे सुरक्षित होता है बच्चों के लिए। और सर्दियां है तो तीन तीन दिन के अंतर में ही नहलाएं नवजात बच्चे को। पहले तेल से अच्छे से मालिश करे फिर गुनगुने पानी से नहलाएं। और बाकी दिन स्पॉन्ज बाथ करें। हां रोजाना मुंह गर्दन और प्राइवेट पार्ट्स जरूर साफ करें। बाथ देने के तुरंत बाद बच्चे को टॉवेल से लपेट लें।

सर्दियों में कैसे नहलाएं

बहुत ज्यादा ठंड में बच्चे को ऐसे रूम में नहलाएं जहां हीटर की व्यवस्था हो। एक टब में गुनगुना पानी भरें। पानी बच्चे की नाजुक त्वचा के अकॉर्डिंग ही हो ये पहले चेक कर लें। बच्चे की छाती तक ही टब में पानी भरें। ज्यादा पानी न भरें। पैरों से नहलाना शुरू करें। धीरे धीरे नहला कर तुरंत टॉवल में लपेटे और पोंछ लें। इसलिए टॉवल हमेशा अपने पास ही रखें जब भी बच्चे को नहलाएं और बच्चे के कपड़े भी रेडी रखें। हमेशा बच्चे को बेबी केयर सोप से ही नहलाएं। वरना उसकी नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। नहलाने के बाद बच्चे के पूरे शरीर पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। और डाइपर वाली जगह रैशेज न हो इसलिए डाइपर रैश क्रीम जरूर लगाएं।

इन सभी बातों के अलावा इस बात का भी ध्यान रखे कि बच्चे को हमेशा दोपहर के समय नहलाएं। अगर सर्दी के दिनों में धूप नहीं निकल रही तो उस दिन न नहलाएं। नहलाने से पहले बच्चे के शरीर की मालिश जरूर करें।


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