इटावा मे बंद होंगे प्रदूषण के जिम्मेदार 145 ईट भट्टे

इटावा मे बंद होंगे प्रदूषण के जिम्मेदार 145 ईट भट्टे

इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा में अदालत के आदेश के बाद प्रदूषण फैलाने के जिम्मेदार ठहराये गये 145 ईट भट्टों को बंद करने के निर्देश दिये जाने से हडंकप मच गया है। ईट भट्टों को बंद करने का निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अदालत के आदेश के हवाले से दिया है। बोर्ड का मानना है कि इन 145 ईंट भट्टों कोे एनओसी नही मिली हुई है लेकिन इसके बावजूद भी इनका संचालन हो रहा है जिससे प्रदूषण फैल रहा है। फिरोजाबाद स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रबंधक मनोज चौरसिया ने बुधवार को बताया कि इटावा में 145 ईंट भट्ठे ऐसे चल रहे हैं जिन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस नहीं ले रखा है । ऐसे सभी भट्ठों को बंद करने के आदेश शासन की ओर से दिए गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। जो लोग औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे उनके ईंट भट्ठे का संचालन होता रहेगा।

उन्होने बताया कि इन भट्ठा संचालकों ने बोर्ड से कोई लाइसेंस नहीं लिया है। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है और प्रदेश सरकार को ऐसे भट्ठों का संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे करीब नौ हजार भट्ठे शामिल हैं। इटावा में ईंट भट्ठों की संख्या करीब 175 के आसपास है। सबसे ज्यादा परेशानी वर्ष 2012 से पहले के लगे हुए ईंट भट्ठों को लेकर आ रही है। इनके पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस नहीं है। बोर्ड ने ईंट भट्ठों के लिए वर्ष 2012 में गाइडलाइन जारी की थी । नये पौधे लगाने के अलावा प्रदूषण कम करने वाली नई तकनीक के उपकरणों को लगाने पर जोर दिया गया था हालांकि ईंट भट्ठा संचालकों ने ऐसा नहीं किया और भट्ठे चलते रहे। बोर्ड की ओर से बार-बार नोटिस जारी कर भट्ठा संचालकों को हिदायत दी जाती रही उसके बावजूद भी भट्ठे चलते रहे। इटावा के खनन विभाग ने भी करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों को रायल्टी न जमा करने पर नोटिस जारी किए हैं। इन ईंट भट्ठों पर वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का बकाया चल रहा है।

खनन विभाग द्वारा तहसीलों के माध्यम से नोटिस ईंट भट्ठों को जारी किए गए हैं। जमा न करने पर कुर्की की कार्रवाई भी तहसीलों द्वारा की जा सकती है। इटावा ईंट भट्ठा एसोसिएशन के सचिव सुरेश अरोरा का कहना है कि ईंट भट्ठों के बंद होने से इटावा के इस उद्योग पर खासा असर पड़ेगा। ईंट भट्ठों पर काम करने वाली लेबर के रोजगार पर भी असर पड़ेगा। शासन को इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। ईंट बनाने के लिए मिट्टी का परिवहन किया जाता है। पहले सरकार ने उस पर रोक लगाई थी जिससे आये दिन पुलिस भट्ठा संचालकों को परेशान करती थी। अब सरकार ने परिवहन पर रोक हटा दी है इससे भट्ठा संचालकों को सुविधा हुई है।